महुआ छोड़ हसनपुर से चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं तेज प्रताप यादव, समझें यहां का सियासी समीकरण

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पटना : 

बिहार में चुनावी घोषणा के साथ ही हसनपुर सीट इस बार हॉट सीट माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस सीट से राजद नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव चुनाव लड़ सकते हैं. तेजप्रताप इस क्षेत्र में कई बार चुनाव अभियान को लेकर भ्रमण भी कर चुके हैं. हालांकि तेजप्रताप के चुनाव लड़ने की आधिकारिक पुष्टि अभी राजद की तरफ से नहीं हुई है.

बता दें कि तेजप्रताप यादव वर्तमान में बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और वे 2015 में महुआ सीट से चुनाव जीतकर सदन पहुंचे थे, हालांकि इस बार चुनावी समीकरण को देखते हुए तेजप्रताप महुआ के बजाय समस्तीपुर के हसनपुर से चुनाव लड़ना चाहते हैं.

राजनीतिक समीकरण- हसनपुर सीट को यादव बाहुल्य सीट माना जाता है. इतिहास देखें तो इस सीट पर 1967 के बाद से हमेशा यादव जाति का ही झंडा बुलंद रहा है. अकेले गजेंद्र प्रसाद हिमांशु ने आठ बार इस सीट से विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया है. हिमांशु स्थानीय हैं और समाजवादी धारा के प्रतिबद्ध नेता रहे हैं. 2010 के नये परिसीमन के बाद इस सीट पर लगातार दो बार से जदयू अपना जीत सुनिश्चित कर रही है. इस सीट से जदयू के राजकुमार राय दो बार जीते हैं. ये भी यादव जाति से ही आते हैं.

स्थानीय नेता में नाराजगी- बता दें कि तेजप्रताप के चुनाव लड़ने से स्थानीय नेताओं में नाराजगी की भी खबर है. हालांकि अभी तक किसी ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर नहीं की है. वहीं तेज प्रताप क्षेत्र के विकास, रोसड़ा को जिला बनाने तथा हसनपुर में डिग्री कॉलेज की सौगात देने का भी वादा कर चुके हैं.

इस बार ये हैं दावेदार– जदयू उम्मीदवार के रूप में जदयू के वर्तमान विधायक राजकुमार राय प्रबलतम दावेदार है. इसके अलावा जदयू से रामनारायण मंडल, पूर्व मंत्री गजेंद्र प्रसाद हिमांशु के पुत्र चक्रपाणि हिमांशु भी दावेदार हैं. राजद से तेज प्रताप यादव चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं. वैसे पहले से राजद के टिकट की दोवदारी माला पुष्पम, ललितेश्वर यादव, विभा देवी, शंभू भूषण यादव, कुमोद रंजन भी कर रहे थे.

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